यूक्रेन में रूसी हमले का दूसरा वर्षगाँठ यूक्रेन में रूसी हमले का दूसरा वर्षगाँठ  (AFP or licensors)

"शहीद यूक्रेन" के लिए शांति हेतु पोप फ्राँसिस की अथक प्रार्थना

पोप फ्राँसिस युद्ध के “पागलपन” में फंसे यूक्रेन के लिए पिछले दो वर्षों से लगातार प्रार्थनाएँ कर रहे हैं और शांति हेतु अपील करने में वे कभी नहीं थकते।

वाटिकन न्यूज

पोप फ्राँसिस ने पिछले दो वर्षों में लगातार और पूरी ताकत के साथ प्रभु से प्रार्थना की है, और लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच यूक्रेन के लिए शांति का आह्वान करते हुए कहा है कि "युद्ध हमेशा एक हार है।" वे इसे "सच्ची मानवीय हार" के रूप में वर्णित करते हैं क्योंकि इसमें केवल "हथियारों के निर्माता" ही विजेता बनकर उभरते हैं। 24 फरवरी, 2022 से बमों की गड़गड़ाहट से बाधित देश को चित्रित करने के लिए पोप अक्सर "पीड़ित" शब्द का प्रयोग करते हैं। उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन के बाद से, "टूटे दिल" के साथ, पोप ने शांति के लिए प्रार्थना को हर संभव प्रोत्साहित किया है।

प्रार्थना दिवस

इन दो वर्षों में उन्होंने प्रार्थना के लिए कई बार आह्वान किया है। पहला, 26 जनवरी, 2022 को, रूस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ। प्रार्थना और उपवास का दूसरा क्षण कुछ महीनों बाद 2 मार्च, राख बुधवार को आया, जब पोप फ्राँसिस ने विश्वासियों से "भाइयों की तरह महसूस करने" और "युद्ध को समाप्त करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना करने" का आग्रह किया।

25 मार्च, 2022 को, पोप ने संत पेत्रुस महागिरजाघर में एक पश्चाताप की धर्मविधि के दौरान ईश्वर की माँ से प्रार्थना की, और यूक्रेन को मरियम के निष्कलंक हृदय को समर्पित किया। कई लोगों में पीड़ा, भय और निराशा पैदा करने वाले "क्रूर युद्ध" की पृष्ठभूमि में, पोप ने ईश्वर की उपस्थिति और ईश्वरीय क्षमा की निश्चितता की आवश्यकता पर जोर दिया। 27 अक्टूबर, 2023 को, तपस्या, उपवास और प्रार्थना के एक और अवसर में पोप फ्राँसिस ने शांति प्राप्त करने के लिए माता मरियम की मदद की याचना की। उन्होंने कहा, “हे दया की माँ, हम दया की याचना करते हैं! शांति की रानी, हम शांति की याचना करते हैं! नफरत से कैद किए गए लोगों के दिलों को छू लीजिए; उन लोगों का मन-परिवर्तन कर दे जो युद्ध को बढ़ावा देते हैं। बच्चों के आँसू सुखाइये - जब बहुत से लोग रो रहे हैं ! - उन लोगों के लिए उपस्थित रहिए जो बुजुर्ग और अकेले हैं; घायलों और बीमारों को मजबूत कीजये; अपनी भूमि और अपने प्रियजनों को छोड़ने के लिए मजबूर लोगों की रक्षा कीजिए; निराश लोगों को सांत्वना दीजिए; नई आशा जगाइये।"

बातचीत की अपील

यूक्रेन में पिछले दो साल आतंक और मौत के दुखद पड़ावों से भरे हैं। 24 अप्रैल, 2022 को, जूलियन कैलेंडर के अनुसार पास्का, युद्ध छिड़ने के ठीक दो महीने बाद आया। स्वर्ग की रानी प्रार्थना के अंत में पोप फ्राँसिस ने सभी से शांति के लिए प्रार्थना करने और शांति संभव है कहने का साहस करने का आग्रह किया।" दो महीने बाद, 5 जून को, पेंटेकोस्ट महापर्व के दिन, यूक्रेन में युद्ध सौ दिनों के नाटकीय "मोड़" पर पहुंच गया था। पोप फ्राँसिस ने अपनी अपील दोहराई कि "सच्ची बातचीत होने दिया जाए, युद्धविराम और स्थायी समाधान के लिए वास्तविक बातचीत की जाए।" उन्होंने "पीड़ित लोगों की हताश पुकार" को सुनने और मानव जीवन के प्रति सम्मान रखने के महत्व पर बल दिया, एवं युद्ध को "बुरा सपना, घोषित किया जो ईश्वर के सपने को नकारना है।"

यूक्रेन के लोगों को पत्र

कई महीने बीत गए और पत्रकार आंसुओं और बर्बादी के कड़वे पन्ने लिखते रहे। 24 अगस्त, 2022 को, संघर्ष के छठे महीने की शुरुआत की याद करते हुए, यूक्रेन के लिए एक और नाटकीय मील का पत्थर, पोप फ्राँसिस ने बुधवार के आमदर्शन समारोह के अंत में देश के लिए अपने विचारों को रखा और इस बात पर जोर दिया, "युद्ध पागलपन है," हम कैदियों, घायलों, बच्चों, शरणार्थियों और इस पागलपन की कीमत चुका रहे "बहुत सारे निर्दोष लोगों" के लिए प्रार्थना करें। युद्ध के नौ महीने पूरे होने पर नवंबर आया, पोप फ्रांसिस ने यूक्रेनी लोगों को एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने उन्हें "एक महान शहीद जनता" के रूप में संदर्भित किया गया, और उन्हें "दिल और प्रार्थना में" अपनी निकटता का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी लोगों के लिए एक चेतावनी भी जारी की: "युद्ध के लिए कभी राजी न हों।"

युद्ध एक विनाश है

2022 और 2023 के बीच संत पापा ने "हथियारों को शांत करने" और इस "संवेदनहीन युद्ध" को समाप्त करने के लिए लगातार अपील की। 24 फरवरी, 2023 को, संघर्ष के ठीक एक साल बाद, पोप फ्रांसिस ने वाटिकन में फिल्म निर्देशक एवजेनी अफिनिव्स्की की डॉक्यूमेंट्री "फ्रीडम ऑन फायर: यूक्रेन्स फाइट फॉर फ्रीडम" की स्क्रीनिंग में भाग लिया। "आज - उन्होंने कहा - इस युद्ध का एक वर्ष पूरा हो गया है; आइए यूक्रेन को देखें, यूक्रेनियों के लिए प्रार्थना करें, और उनके दर्द के लिए अपना दिल खोलें। आइए, हम पीड़ित होने और रोने में शर्मिंदा न हों, क्योंकि युद्ध विनाश है, एक युद्ध हमेशा हमें कमजोर करता है।"

काला सागर अनाज संकट

कई महीने बीत गए और गर्मी आ गई, अभी भी बमों की छाया है। पोप फ्रांसिस यूक्रेन की गंभीर मानवीय स्थिति को कभी नहीं भूले, जो अनाज परिवहन के लिए काला सागर की पहल के रुकने से और भी खराब हो गई थी। 30 जुलाई, 2023 को, देवदूत प्रार्थना के दौरान, उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि "युद्ध सब कुछ नष्ट कर रहा है, यहां तक कि अनाज भी," और उन्होंने कहा, यह "ईश्वर के प्रति गंभीर अपराध" है क्योंकि अनाज "मानवता को खिलाने के लिए एक उपहार है।" उन्होंने लोगों से "भूख से पीड़ित लाखों भाई- बहनों की पुकार" सुनने का आग्रह किया, एक ऐसी पुकार जो "स्वर्ग तक उठती है।"

बच्चों का कष्ट

पोप फ्राँसिस ने 6 सितंबर, 2023 को यूक्रेनी ग्रीक-काथलिक कलीसिया के धर्माध्यक्षों के साथ एक मुलाकात के दौरान यूक्रेन के "शहादत के आयाम" को याद किया। सामीप्य और सहभागिता व्यक्त करते हुए, उन्होंने "युद्ध के सामने महसूस की गई असहाय भावना के लिए दुःख" व्यक्त किया, खासकर, इसलिए क्योंकि इसके सबसे दुखद परिणामों में से एक "बच्चों से मुस्कान छीनना है।" पोप ने 2024 की शुरुआत में कीव-हेलिक के मेजर महाधर्माध्यक्ष शेवचुक को लिखे एक पत्र में "एक ऐसी स्थिति जो अत्यन्त निराशाजनक लगती है" चिंता व्यक्त की थी कि यूक्रेन एक "भूला हुआ युद्ध" न बन जाएगा।" और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कहा था कि वे "शांतिपूर्ण समाधान की खोज" करें।

राजनयिकों से अपील

यही प्रबोधन इस वर्ष 8 जनवरी को, वाटिकन से मान्यता प्राप्त राजनयिक कोर के साथ मुलाकात के दौरान गूंजा: "अफसोस की बात है, यूक्रेन के खिलाफ रूसी संघ द्वारा बड़े पैमाने पर युद्ध छेड़ने के लगभग दो वर्षों के बाद, वांछित शांति, बड़ी संख्या में पीड़ितों और बड़े पैमाने पर विनाश के बावजूद, अभी भी दिल और दिमाग में जड़ें जमाने में कामयाब नहीं हो पा रहा है। ऐसे संघर्ष को किसी भी हालत में लगातार जारी रहने नहीं दिया जा सकता जो लाखों लोगों की हानि कर रहा है; इसे अंतर्राष्ट्रीय कानून के सम्मान में, बातचीत के माध्यम से वर्तमान त्रासदी को समाप्त करना जरूरी है...।"

वाटिकन कूटनीति

प्रार्थनाओं और अपीलों के अलावा, पोप फ्राँसिस ने इसमें शामिल पक्षों के प्रति संतुलित दृष्टिकोण बनाए रखते हुए, शांति के नाम पर व्यक्तिगत कार्रवाई की है। 25 फरवरी, 2022 को, उन्होंने युद्ध के फैलने पर चिंता व्यक्त करते हुए, वाटिकन में रूसी संघ के दूतावास का दौरा किया। कुछ दिनों बाद, 16 मार्च को, उन्होंने मॉस्को और रूस के ऑर्थोडॉक्स प्राधिधर्माध्यक्ष किरिल के साथ एक वर्चुवल बैठक की, जिसको लोगों के चरवाहों के रूप में" युद्ध की "आग को रोकने" की इच्छा से, लोगों को शांति के मार्ग का संकेत देने की चाह से प्रेरित होकर की गई थी। इन महीनों में, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ पोप की टेलीफोन पर कई बार बातचीत हुई, और मई 2023 में वाटिकन में उनकी मुलाकात भी हुई।

संघर्ष को समाप्त करने के लिए पोप के प्रयासों में बोलोग्ना के महाधर्माध्यक्ष और इतालवी धर्माध्यक्षीय सम्मेलन के अध्यक्ष कार्डिनल मात्तेओ ज़ुप्पी भी शामिल थे, जिन्होंने 2023 में रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन में पोप के विशेष दूत के रूप में यात्रा की। इस तरह पोप ने शांति के मिशन को, जो एक आशा है उसे कभी नहीं छोड़ा।

इसके अतिरिक्त, दो अन्य कार्डिनल : पोप के परोपकार कार्यालय के अध्यक्ष कोनराड क्राएस्की और समग्र मानव विकास विभाग के अध्यक्ष कार्डिनल माइकल चरणी को पोप ने अपने प्रतिनिधियों के रूप में यूक्रेन भेजा था, जिससे वे शरणार्थियों और युद्ध पीड़ितों के लिए पोप का सामीप्य और समर्थन प्रदान करें। वाटिकन विदेश सचिव महाधर्माध्यक्ष पॉल रिचर्ड गलाघर ने भी मई 2023 में वोरज़ेल, इरपिन और बुचा का दौरा किया, संत एंड्रयू के ऑर्थोडॉक्स गिरजाघर के पास एक सामूहिक कब्र के सामने प्रार्थना की और पोप के अनुरूप "युद्ध की क्रूरता और जघन्यता पर आवाज उठायी।”

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24 February 2024, 17:06